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INFLATION :- Biggest enemy of your Saving

Posted on 28 September, 2016 at 9:25

आपके निवेश की सबसे बड़ी दुश्मन :- महंगाई दर


हम भारतीय पारंपरिक रूप से बचत करने में विश्व के अग्रणी समाजो में से एक है। एक अनुमान के मुताबिक Bank F.D., Post Office, Insurance Policies, Gold आदि खरीदने में आम भारतीयो की 24%-28% प्रतिशत मासिक आमदनी निवेश होती है। और इस गणित के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बचत शुरू करने के 20 वर्षो के बाद आर्थिक स्वतंत्रता मिल जानी चाहिए। अर्थात यदि कोई व्यक्ति 25 साल से अपनी मासिक आय का 25% बचत करना शुरू करता है तो 45 वर्ष का होते-होते उसे अपनी जीविका कमाने के लिए श्रम करने की आवश्यकता नहीं रहनी चाहिए, उसकी पिछले 20 सालो की बचत ही उसकी जीविका चलाने के लिए पर्याप्त होनी चाहिये।

”परंतु ऐसा होता नहीं है।..... क्यों?”

अक्सर हम अखबारो में इस प्रकार की खबरें पढते है ”मुद्रास्फिती की दर 8% हुई” ” Inflation rate has crossed 3 months average .ß” हम में से अधिकांश लोग इसे पढ कर अपने व्यवहारिक जीवन से नहीं जोड पाते। कि हमारे जीवन पर इसका क्या प्रभाव पडता है।

सामान्य भाषा में मुद्रास्फिती का बढना हमारी रोजमर्रा की जरूरतों का महंगा होना दर्शाता है।

पर चीजों के दाम क्यों बढतें है?

क्योंकि उत्पादित वस्तुओ की तुलना में अधिक मुद्रा ( पैसे ) लगातार अर्थव्यवस्था में डाली जा रही है जो रूपये की कीमत को कम करती है इसे हम सामान्य मांग और आपूर्ति के नियम से समझ सकते हैं।

‘महंगाई ,(मुद्रास्फिती की वजह से हमारे नोट अपनी कीमत खोते जा रहे हैं।

उदाहरण

आज से 15 साल पहले जब मैने अपने जीवन की पहली मूवी थियेटर में जा कर देखी थी तो उस समय मेरा कुल 15 रूपये खर्चा आया था। आज 15 साल बाद जब मै किसी माॅल में मूवी देखने जाता हॅू तो मेरा खर्चा करीब 225/- रूपये होता है तो मेरे लिये पिछले 15 सालो में मूवी देखने का खर्चा 15 गुना हो गया है। ‘यह आम आदमी के लिए मुद्रास्फिती है‘।

एक और उदाहरण से यह स्पष्ट हो जायेगा।

मान लीजिए मेरे पास 100 रूपये है और मान लीजिये कि मै इस 100 रूपये से एक दर्जन सेब खरीद सकता हॅू, पर मुझे आज ये सेब नही खरीदने चाहता हूँ मैं  चाहता हूँ अगले साल ये सेब इसी 100 रूपये से खरीदू । तो मैने 100 रूपये की F.D. बैंक में बनवा दी 8% के ब्याज से। अब एक साल बाद मेरे पास 108 रूपये है। लेकिन पिछले साल मुद्रास्फिती 10% से बढ गई, मतलब सामान्य खाने पीने की चीजो की कीमत में 10% बढोत्तरी हो गई तो इस दर्जन सेब की कीमत अब 110/- रूपये हो गई, अब एक साल के बाद अपने 100/- रूपये की FD कराने के बावजूद मुझे 2/- रूपये अपनी जेब से और देने पडेंगे वही एक दर्जन सेब खरीदने के लिये और यही अगर 10 साल बाद में एक दर्जन सेब खरीदने जाऊ तो हो सकता है कि मुझे एक सेब के 100/- रूपये देने पडे।

इस प्रकार महंगाई हमारी बचत को खा जाते है यदि हम अपने निवेश समझदारी पूर्वक नहीं करते।

निवेश करते समय की जाने वाली गलतियां !

हम में से अधिकांश लोग निवेश करते समय महंगाई दर का आंकलन नहीं करते, और सिर्फ Rate of Interest को देखकर अपना निवेश करते है। और इस प्रक्रिया में हम में से अधिकांश लोगो की वही स्थिती होती है जो ऊपर दिये गये उदाहरण में स्पष्ट है।

जो भी Rate of Interest/Rate of Return आप देखते या पढते है वह वास्तविक Return/Interest नहीं माना जा सकता है जब तक हम उसमें महंगाई दर की गणना नहीं जोडते है।


शायद इसीलिये Inflation महंगाइ को अर्थशास्त्री अंग्रेजी में Silent Monster ,खामोश राक्षस भी कहते है। यदि हमारा निवेश समझदारी पूर्वक नहीं हुआ तो हम सभी का कमाया हुआ धन इस खामोश राक्षस के पेट में जाता रहेगा, और अपनी जी तोड मेहनत और निरंतर बचत की अच्छी आदतों के बावजूद हमारी आर्थिक स्थिती खराब ही रहेगी। इसीलिये अगली बार निवेश करने से पहले इस formula का उपयोग अवश्य कीजिये।

सरकार द्वारा जारी ‘महंगाई दर‘ एक व्यापक गणना है जिसमें बहुत सारी वस्तुओं का समावेश होता है परंतु यदि हम इसका विस्तार से अध्ययन करेंगे तो पायेंगे कि यह अलग-अलग व्यक्ति समूहों पर अलग प्रभाव डालती है।

कुछ वस्तुयें जैसे खाद्य पदार्थ, ईंधन आदि सभी लोगो को प्रभावित करते हैं तो दूसरी ओर शिक्षा खर्चो में होने वाली वृद्धि उन लोगों को प्रभावित करती है जिनके बच्चे अभी छोटे हैं इसी प्रकार दवाई की कीमत से होने वाली वृद्धि बुजुर्ग लोगों को अधिक प्रभावित करती है।

केस स्टडी (Case Study)

आइये हम राकेश का उदाहरण लेते है राकेश की एक साल की बेटी है और वह अपनी बेटी को MBA कराना चाहता है जब उसकी बेटी 21 साल की हो जायेगी । तो अजय के पास अभी 20 साल का वक्त है अपनी बेटी की Education की व्यवस्था करने के लिये, आज MBA । कराने का खर्चा करीब 4 लाख रूपये है और यही हम शिक्षा में मूल्य वृद्धि 8% माने तो यही MBA करने के लिये 20 साल बाद खर्चा होगा 18,64,382/- रूपये।

अब प्रश्न यह है कि अपनी बेटी की शिक्षा का खर्च उठाने के लिये राकेश आज से कितनी बचत शुरू करे और किस उपकरण में।

विकल्प

यदि राकेश प्रति माह 2046/- रूपये किसी भी ऐसी स्कीम में डालता है जो 12% सालाना return देती हो तो बीस वर्षो में वह अपने लक्ष्य को हासिल कर लेगा। यह जादू चक्रवर्ती ब्याज, compounding return का है जो 20 सालो मे इस विशाल लक्ष्य को पूरा कर सकता है।

अगर राकेश का निवेश किसी ऐसे उपकरण में हो जो उसे सालाना 15% का रिटर्न दे तो उसकी मासिक बचत कम हो कर 1421/- रह जायेगी। शेयर एतिहासिक रूप से शेयर लम्बे समय तक निवेश करने पर 15% से ऊपर का रिटर्न देते है।

अगर राकेश बिल्कुल भी जोखिम न लेने वाला निवेशक है तो Public Providend Fund के माध्यम से अगर वह निवेश करता है जो उसको 8% की गारंटी देता है तो उसकेा मासिक 3276/- बचाने पडेंगे।

 

 

Categories: FINANCIAL PLANNING

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1 Comment

Reply essays done for you free
7:37 on 25 February, 2021 
Piece off writing writing is also a fun, if you be familiar
with after that you can write or else it is complex tto write.

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