Money and Thoughts(Blog)
BEWARE OF RELATIONSHIP MANAGERS
| Posted on 23 September, 2016 at 5:35 |
रिलेशन शिप मेनेजर (खतरे की घंटी )

एक दुखी ग्राहक की व्यथा :- ,जब भी मेरा रिलेशनशिप मेनेजर मुझे फ़ोन करता है उसका सबसे बड़ा मकसद होता है मुझे एक नयी बीमा पालिसी चिपकाना ( बेचना )
अगर आपके अनुभव भी कुछ ऐसे ही हैं तो आगे पढ़िए !!!!
आज के दौर मैं बैंकों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा तथा बीमा कंपनियों से मिलने वाले मोटे कमीशन के लालच ने बैंकों मैं एक नयी प्रकार की सेल्समनो की खेप तैयार की है जो बाहर से तो बैंकर दिखाई देते हैं पर जिनकी नौकरी सिर्फ वित्तीय उत्त्पादों और खास तौर पर बीमा पॉलिसियों की सेल पर आधारित होती है और इन पर अपने टारगेट पुरे करने का इतना अधिक दबाव रहता है की ग्राहक की आर्थिक स्थिति या लाभ- हानि इनकी प्राथमिकताओं मैं बहुत पीछे आते हैं
रिलेशनशिप मैनेजरों को बैंक अक्सर अपने मोटे (जिनकी आमदनी अच्छी हो ) ग्राहकों के साथ जोड़ देता है , ग्राहक को बताया जाता है की ये रिलेशन शिप मेनेजर आपको विशेष सुविधा देने के लिए है ,ताकि आपकी बैंकिंग सुविधाजनक हो सके , पर वास्तव मैं ये आपको ज्यादा से ज्यादा बीमा पालिसी बेचने के लिए रखे जाते हैं , ये ज्यादातर मार्केटिंग मैं MBA किये हुए युवा होते हैं जिनको बैंक की सेल्स बढ़ाने के लिए रखा जाता है
इन लोगों के पास ग्राहक के बैंक खाते की पूरी जानकारी रहती है , इनको अच्छे से पता होता है की कब आपके खाते मैं कितना पैसा है और अक्सर ये उसी वक्त आपको फ़ोन करते हैं जब इनको पता होता है की आपके खाते मैं इतना पैसा हो की आप पैसे की कमी का बहाना न बना पाएं .
एक और बड़ी समस्या है की ये रिलेशनशिप मेनेजर बार बार अपनी नौकरी बदलते रहते हैं ,तो जब तक ग्राहक समझ पाए की उसे गलत पालिसी बेच दी गयी है अक्सर वो रिलेशन शिप मेनेजर नौकरी छोड़ चुका होता है . और अब ग्राहक के पास उस मेनेजर को मन ही मन गाली देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता.
Categories: LIFE INSURANCE
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