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How to avoid buying wrong Insurance Products
| Posted on 18 August, 2016 at 8:25 |
बीमा पाॅलिसी, में धोखा खाने से कैसे बचें
पिछले काफी समय से हम लोग एसे अनेक ग्राहकों से मिले है जो किसी ना किसी रूप में अपने वित्तीय उत्पादों विशेषकर बीमा पाॅलिसियों से असन्तुष्ट है। अथवा स्वयं को ठगा हुआ महसूस करते है अधिकांश केसों में हमने पाया कि गलत तरीके से बेचा तथा खरीदा वित्तीय उत्पाद इस समस्या की जड है।
जिसकी वजह से एक ओर ग्राहक समुदाय में कुछ विशेष उत्पादों के प्रति नकारात्मकता आती है वहीं दूसरी ओर अच्छे एजेंट तथा sales man को भी शंका की दृष्टि से देखा जाने लगता है।

यह महत्वपूर्ण तथ्य है कि ग्राहक की आर्थिक क्षेत्र में कम समझ इसका सबसे बडा कारण है यदि ग्राहक कुछ मूलभूत जानकारियां अपने पास रखे तो कम संभावना है कि वह किसी गलत Agent के झासे में आये।
आइये जाने कि कौन से एसे वाक्य है जो आपको गलत निवेश के प्रति आकर्षित करने में उपयोग किये जाते है।
सर , 3-5 साल के बाद आपको इस पाॅलिसी में प्रीमियम देने की जरूरत नहीं है।
यह वाक्य ग्राहक के ऊपर जादुई प्रभाव डालता है। हम भारतीय निवेशक खुद को आजाद महसूस करने लगते है, यदि जीवन बीमा की प्रीमियम सिर्फ 5 साल के लिये हो। यहाँ सबसे महत्वपूर्ण बात यह समझना है कि ULIP में यदि कोई चाहे तो 5 साल से पहले भी प्रीमियम देना बंद कर सकता है। 5 साल सिर्फ lock in period की अवधि है। दूसरा ULIP में किसी को कम समय निवेश के लिये सलाह देना नैतिक रूप से गलत है क्योंकि इन उत्पादो का निर्माण लम्बी अवधि तक लगातार निवेश करने वाले ग्राहको के अनुसार किया गया है तथा इसको कम अवधि के लिये बेचना सैद्धांतिक रूप से गलत है, जिसका हर्जाना ग्राहक को भरना पडता है।
सर मै आपके पहले साल के प्रीमियम का 20% पैसा आपको कैश वापस पर दूंगा।
कैसी विडम्बना है हम लोग अपने ही पैसे को वापस पाकर बहुत खुश हो जाते है और फिर पाॅलिसी के बारे में पूछने का भी प्रयत्न नहीं करते। हमको यह बडी समझदारी भरा फैसला लगता है कि पाॅलिसी भी ले ली और 20% पैसा भी वापस ले लिया। पर वास्तविकता में जो पैसा आपको मिला है वह आपका ही है परंतु अब अगले 15-20 साल तक आप उस गलत पाॅलिसी से आजाद नहीं हो पायेंगे।
वैसे IRDA के नियमो के अनुसार कमीशन वापस करना अथवा मांगना दोनो ही अपराध है।
सर यह पाॅलिसी आपको 250% रिटर्न देती है।
कंपनी वाले बडे समझदार लोग होते है। वे जानते है कि गारंटिड, निश्चित, लिख के देंगे आदि शब्द भारतीय ग्राहको को आकर्षित करते है और खासतौर पर जब शेयर बाजार अच्छा नहीं चल रहा हो तब इस प्रकार के उत्पाद आम जनता को बडे लुभावने लगते है परंतु यदि आप किसी भी एजेंट से इसका (IRR) Internal Rate of Return पूछेंगे तो वे अपनी बगलें झांकते नजर आयेंगे।
सर यह सबसे ज्यादा बिकने वाला Product है आपके परिचित शर्मा जी ने भी लिया है।
हम सभी के ऊपर एक भीडतंत्र हावी है, जैसे किसी सभा में आप सबके ताली बजाने पर अपने आप ताली बजाने लगते है वैसे ही हम सभी को लगता है कि अगर बाकी सब ने लिया है तो सही ही लिया होगा और हम बिना जानकारी लिये वह पाॅलिसी करा लेते है।
कितने आश्चर्य की बात है हम लोग अपनी पूरी जिंदगी पैसा कमाने में लगा देते है पर उसी पैसे को निवेश कैसे करना है यह सीखने के लिये दिन भर में 5 मिनट नहीं निकाल पाते। आश्चर्य है कि हम आज भी अपना निवेश विश्वास के आधार पर करते है जानकारी के आधार पर नहीं और यही कारण है कि आज तक हम अच्छे निवेशक नहीं बन पाये।
Categories: LIFE INSURANCE
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