Phoenix WEALTH MANAGEMENT

Developing people, Delivering Results

Money and Thoughts(Blog)

Life Insurance

Posted on 13 August, 2016 at 7:50

बीमा कंपनी अब आपका क्लेम अस्वीकार नही कर सकती

यदि आपने टर्म प्लान (Term Plan ) खरीद लिया है या खरीदने का विचार आप के मन मैं है तो ये खबर आप के लिए ही है

आप को यह जान कर खुशी होगी की IRDA के नये निर्देशों के अनुसार अब कोई भी बीमा कंपनी किसी भी दावे को अस्वीकार नही कर सकती यदि वह पॉलिसी 3 साल या उससे अधिक चल चुकी हो ,

IRDA का यह निर्णय Insurance Act 1938 की धारा 45 का संशोधन है , जिसके तहत बीमा कंपनी को दावा निरस्त करने का अधिकार था , यह अधिकार कंपनी को ग्राहकों द्वारा ग़लत जानकारी ,अप्रकटिकरन आदि की स्थितियों मैं निर्मित दावों को निपटने मैं दिशानिर्देश देता था

पर अब IRDA के अनुसार बीमा कंपनिओ को 3 साल के अंदर सब तथ्यो की जाँच पड़ताल करके ग्राहक द्वारा दी किसी भी प्रकार की ग़लत जानकारी का पता लगाना होगा यदि इन 3 सालों के भीतर कंपनी किसी प्रकार का ग़लत बयानी अथवा अप्रकटिकरन का पता नही लगा पाती है तो वह दावा अस्वीकार नही कर पाएगी.

तो अब आपको कंपनी के दावा निपटने की दर (Claim settlement Ratio )चेक करने मैं अपना कीमती समय लगाने की आवश्यकता नही होगी और सभी कंपनिओ की यह दर आप को अब बड़ती दिखाई देगी.


मेरी नज़र मैं इस कदम के बीमा व्यावसाय पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ेंगे

१ बड़ा बीमा खरीदना मुश्किल होगा :- जी हां अब कंपनिया अपने जोखिमंकन प्रक्रिया को और अधिक कड़ा कर देंगी ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके/ अब बीमा पॉलिसी लेने से पहले आपको ज़्यादा दस्तावेज़ और कड़े मेडिकल टेस्ट से गुज़रना पड़ सकता है/

२ बीमा कंपनिओ के लाभ मैं कमी :- अधिक दावे निपटने की स्थिति मै बीमा कंपनिओ पर अधिक आर्थिक दबाव पद सकता है जो उनके लाभ पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा इससे प्रीमियम की दर बड़ेंगी और बोनस कम हो सकते हैं

३बीमा मैं धोखाधड़ी बड़ने की संभावना :- बीमा कंपनिया पहले से इस समस्या से जूझ रही हैं झुटे दावे हर साल बीमा कंपनिओ को सैकड़ों करोड़ रुपयों का नुकसान पहुचाते हैं, IRDA के इस कदम से इस प्रकार के ग़लत व झूठे दावे बड़ने की संभावना है

४ पारंपरिक बंदोबस्ती पॉलिसी बेचने पर ज़ोर :- अब बीमा कंपनिया उन उत्पादों को बेचने पर ज़्यादा ज़ोर लगाएँगी जो बीमा कंपनी के लिए कम जोखिम वाले उत्पाद हों जैसे बोनस आधारित बंदोबस्ती योजना या गारिंटीड मेचुरिटी योजना. बीमा कंपनी के लिहाज से इन उत्पादों मैं जोखिम राशि (SUM AT RISK) कम होती है अर्थात इन प्लानों मैं कंपनी को नुकसान होने की संभावना कम रहती है

 

Categories: LIFE INSURANCE

Post a Comment

Oops!

Oops, you forgot something.

Oops!

The words you entered did not match the given text. Please try again.

0 Comments